भगवान शिव के सबसे रहस्यमयी स्वरूपों में से एक हैं महाकाल। शिव के प्रमुख अवतारों में पहला अवतार महाकाल को माना जाता हैं। इस अवतार की शक्ति माँ महाकाली मानी जाती हैं। वर्तमान में महाकाल के रूप में भगवान भोलेनाथ तीर्थ नगरी उज्जैन में विराजमान हैं। वेदों में शिव का नाम ‘रुद्र’ रूप में आया हैं। रुद्र का अर्थ होता हैं भयानक। रुद्र संहार के देवता और कल्याणकारी हैं।
पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन काल में दूषण नाम के एक राक्षस ने पुरे उज्जैन नगरी में तबाही और आतंक मचा रखा था, राक्षस दूषण के आतंक से मुक्त कराने के लिए भगवन शिव ने उसका वध कर दिया। तब उज्जैन नगरी के शिव भक्तों ने भगवान् शिव से वही बस जाने का आग्रह किया और भोलेनाथ तब से महाकाल के रूप में वहां बस गए। दूषण की राख से किया श्रृंगारशिव ने दूषण को भस्म किया और फिर उसकी राख से अपना श्रृंगार किया। इसी वजह से इस मंदिर का नाम महाकालेश्वर रख दिया गया और शिवलिंग की भस्म से आरती की जाने लगी। यह मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं। ज्योतिर्लिंग का मतलब की वह स्थान जहा भोलेनाथ ने खुद को स्थापित किया।
शिव जितने भोले हैं उनका गुस्सा भी उतना ही प्रलयकारी हैं, इसलिए पुराणों में इनका नाम रूद्र भी हैं। जटाजूटधारी, भस्म भभूत शरीर पर लगाए, गले में नाग लपेटे, रुद्राक्ष की मालाएं पहने, जटाओं में चंद्र, गंगा की धारा, हाथ में त्रिशूल एवं कटि में बाघम्बर और नंगे पांव रहने वाले शिव कैलाश में निवास करते हैं। माता पार्वती उनकी पत्नी अथवा शक्त्ति हैं और गणेश और कार्तिकेय के वे पिता हैं।
महादेव, जिन्हे भोलेनाथ, भोले बाबा, कालो के काल महाकाल, त्रिलोकीनाथ, नीलकंठ, शिव शंकर, शिव शम्भू, जटाधारी, अर्धनारेश्वर आदि कई नामो से जाना जाता हैं, भगवान शिव ने धरती पे कई बार अवतार लिया हैं, और पूरी दुनिया में इनके भक्त फैले हुए हैं और हर तरफ से इस ब्रह्माण्ड में महादेव की गूंज सुनाई देती हैं। जब इस धरती पे कुछ भी नहीं था, उससे पहले से ही महादेव का अस्तित्व था, और आदि से अंत तक महादेव का ही वास रहेगा क्योंकि शिव ही आदि हैं और शिव ही अंत हैं, सब कुछ शिव में ही जाकर मिल जाता हैं।
भगवान शिव को त्रिनेत्र धारी भी कहा जाता हैं और जब भोलेनाथ की ये तीसरी आँख खुलती हैं तो महाप्रलय आती हैं और तीनो लोक में हाहाकार होता हैं और इस महाप्रलय के विनाश से सिर्फ सर्वनाश होता हैं।
भगवान् शिव को देवो के देव महादेव भी कहा गया हैं और सभी देवी देवता महादेव का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
1 हर-हर महादेव,
2 रुद्र,
3 शिव,
4 अंगीरागुरु,
5 अंतक,
6 अंडधर,
7 अंबरीश,
8 अकंप,
9 अक्षतवीर्य,
10 अक्षमाली,
11 अघोर,
12 अचलेश्वर,
13 अजातारि,
14 अज्ञेय,
15 अतीन्द्रिय,
16 अत्रि,
17 अनघ,
18 अनिरुद्ध,
19 अनेकलोचन,
20 अपानिधि
21 अभिराम,
22 अभीरु,
23 अभदन,
24 अमृतेश्वर,
25 अमोघ,
26 अरिंदम,
27 अरिष्टनेमि,
28 अर्धेश्वर,
29 अर्धनारीश्वर,
30 अर्हत,
31 अष्टमूर्ति,
32 अस्थिमाली,
33 आत्रेय,
34 आशुतोष,
35 इंदुभूषण,
36 इंदुशेखर,
37 इकंग,
38 ईशान,
39 ईश्वर,
40 उन्मत्तवेष,
41 उमाकांत,
42 उमानाथ,
43 उमेश,
44 उमापति,
45 उरगभूषण,
46 ऊर्ध्वरेता,
47 ऋतुध्वज,
48 एकनयन,
49 एकपाद,
50 एकलिंग,
51 एकाक्ष,
52 कपालपाणि,
53 कमंडलुधर,
54 कलाधर,
55 कल्पवृक्ष,
56 कामरिपु,
57 कामारि,
58 कामेश्वर,
59 कालकंठ,
60 कालभैरव,
61 काशीनाथ,
62 कृत्तिवासा,
63 केदारनाथ,
64 कैलाशनाथ,
65 क्रतुध्वसी,
66 क्षमाचार,
67 गंगाधर,
68 गणनाथ,
69 गणेश्वर,
70 गरलधर,
71 गिरिजापति,
72 गिरीश,
73 गोनर्द,
74 चंद्रेश्वर,
75 चंद्रमौलि,
76 चीरवासा,
77 जगदीश,
78 जटाधर,
79 जटाशंकर,
80 जमदग्नि,
81 ज्योतिर्मय,
82 तरस्वी,
83 तारकेश्वर,
84 तीव्रानंद,
85 त्रिचक्षु,
86 त्रिधामा,
87 त्रिपुरारि,
88 त्रियंबक,
89 त्रिलोकेश,
90 त्र्यंबक,
91 दक्षारि,
92 नंदिकेश्वर,
93 नंदीश्वर,
94 नटराज,
95 नटेश्वर,
96 नागभूषण,
97 निरंजन,
98 नीलकंठ,
99 नीरज,
100 परमेश्वर,
101 पूर्णेश्वर,
102 पिनाकपाणि,
103 पिंगलाक्ष,
104 पुरंदर,
105 पशुपतिनाथ,
106 प्रथमेश्वर,
107 प्रभाकर,
108 प्रलयंकर,
109 भोलेनाथ,
110 बैजनाथ,
111 भगाली,
112 भद्र,
113 भस्मशायी,
114 भालचंद्र,
115 भुवनेश,
116 भूतनाथ,
117 भूतमहेश्वर,
118 भोलानाथ,
119 मंगलेश,
120 महाकांत,
121 महाकाल,
122 महादेव,
123 महारुद्र,
124 महार्णव,
125 महालिंग,
126 महेश,
127 महेश्वर,
128 मृत्युंजय,
129 यजंत,
130 जयंत,
131 योगेश्वर,
132 लोहिताश्व,
133 विधेश,
134 विश्वनाथ,
135 विश्वेश्वर,
136 विषकंठ,
137 विषपायी,
138 वृषकेतु,
139 वैद्यनाथ,
140 शशांक,
141 शेखर,
142 शशिधर,
143 शारंगपाणि,
144 शिवशंभु,
145 सतीश,
146 सर्वलोकेश्वर,
147 सर्वेश्वर,
148 सहस्रभुज,
149 साँब,
150 सारंग,
151 सिद्धनाथ,
152 सिद्धीश्वर,
153 सुदर्शन,
154 सुरर्षभ,
155 सुरेश,
156 हरिशर,
157 हिरण्य,
158 हुत ,
159 सोम,
160 सृत्वा,
🙏🙏🙏🙏❤️हर हर महादेव❤️🙏🙏🙏🙏🙏
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